China Brucellosis Bacterial Infection 2020

  • बीजिंग: एक तरफ दुनिया कोरोना वायरस के कहर से जूझ रही है जो चीन के वुहान से दुनिया भर में फैला था । अब चीन के उत्तर पश्चिमी इलाके में 300 प्रांत के लाजो शहर में सैकड़ों लोग एक नये संक्रमण से पीड़ित पाए गए हैं ।

ये संक्रमण ब्रूसेल्स इस बैक्टीरिया से फैल रहा है और बड़ी संख्या में लोगों को पीड़ित कर रहा है । चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने गांसू प्रांत के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल विभाग के हवाले से बताया कि इस बैक्टीरिया से करीब तीन हजार सौ पैंतालीस लोग संक्रमित हैं । बीते सोमवार को 21 हजार (21000) लोगों का टेस्ट किया गया जिसमें शुरुआती तौर पर चार हजार 646 लोगों को पॉजिटिव बताया गया । हालांकि ये संख्या उम्मीद से ज्यादा हो सकती है । फिलहाल इसके फैलने को लेकर प्रशासन और आम लोग चिंतित हैं ।

अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक 11 सरकारी संस्थानों को मुफ्त टेस्ट और इलाज के लिए अस्पताल का दर्जा दिया गया है । ब्रूसेल्स इस एक बैक्टीरिया जनित बीमारी है जो मुख्य तौर पर गाय भेड़ बकरी सूअर और कुत्तों को संक्रमित करती है । इंसानों में भी संक्रमण हो सकता है अगर वो संक्रमित जानवर के संपर्क में आएं । जैसे कि संक्रमित पशु उत्पादों को खाने पीने से या हवा में मौजूद बैक्टीरिया सांस लेने से इंसान में पहुंच जाए । विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि ज्यादातर ये बीमारी संक्रमित जानवरों के बिना पाश्चर ठीकरा दूध या पनीर लेने से इंसानों में आ रही है । इंसानों से इंसानों में संक्रमण बेहद कम होता है । विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक ये बीमारी दुनिया के कई देशों में रिपोर्ट होती रही है । इसका इलाज संभव है दवाइयों का सिलसिला एक से डेढ़ महीने तक चलता है । बीमारी के लक्षण आने में एक हफ्ते से

लेकर दो महीने भी लग सकते हैं । लेकिन अक्सर दो से चार हफ्ते में लक्षण आ जाते हैं । इसके लक्षण हैं बुखार पसीना आना थकान भूख न लगना सिरदर्द वजन घटना और मांसपेशियों में दर्द होना कई लक्षण लंबे वक्त तक रह सकते हैं और कुछ कभी नहीं जाते । जैसे बार बार बुखार आना जोड़ों में दर्द अंडकोष में सूजन दिल या लीवर में सूजन दिमागी लक्षण थकान और डिप्रेशन वगैरह । कई बार बहुत हल्के लक्षण होते हैं । ये बैक्टीरिया पिछले साल जुलाई अगस्त में एक फैक्ट्री में हुए रिसाव के बाद फैला था ।

इस बैक्टीरिया के इलाज के लिए बनने वाली ब्लू सीला वैक्सीन के उत्पादन में एक्सपायर हो चुके कीटाणु नाशकों का इस्तेमाल किया गया था । इसी वजह से बैक्टीरिया से संक्रमित एरोसोल का हवा में रिसाव हो गया । बताया जाता है कि इसके पास लखनऊ वेटरनेरी रिसर्च इंस्टिट्यूट है जहां हवा के जरिये ये संक्रमण लोगों में फैला और इस बीमारी की शुरुआत हुई ।

न्यूज एजेंसी एएनआई ने राजू हेल्थ कमिशन के हवाले से बताया है कि इस बीमारी के फैलने के महीनों बाद प्रांतीय और म्युनिसिपल अधिकारियों ने फैक्ट्री से हुए रिसाव को लेकर जांच शुरू की । जनवरी तक इस फैक्ट्री के वैक्सीन उत्पादन का लाइसेंस रद्द कर दिया गया । फैक्ट्री में कुल 7 जानवरों की दवाओं के अप्रूवल नंबर रद्द कर दिए गए । एएनआई के मुताबिक फैक्ट्री ने फरवरी में सार्वजनिक तौर पर माफी मांगी और कहा कि उसने इस मामले के लिए जिम्मेदार पाए गए 8 लोगों को कड़ी सजा दी है । इसी साल ग्लोबल टाइम्स ने खबर दी थी कि चीन के युन्नान प्रांत में हीनता वायरस की वजह से 23 मार्च को एक शख्स की मौत हो गई थी । हीनता वायरस चूहों से फैलता है । अगर कोई इंसान

चूहों के मलमूत्र या लार को छूने के बाद अपने चेहरे पर हाथ लगाता है तो हीनता वायरस से उसके संक्रमित होने की आशंका बढ़ जाती है । हालांकि आमतौर पर हीनता वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं जाता है । हीनता के संक्रमण का पता लगने में एक से आठ हफ्तों का वक्त लग सकता है ।

अगर कोई व्यक्ति ब्रूसीलोसिस बैक्टीरिया संक्रमित है तो उसे

Symtoms लक्षण:-

बुखार

दर्द

सर्दी

बदन दर्द

और उल्टी जैसी दिक्कतें हो सकती हैं ।

ब्रूसीलोसिस बैक्टीरिया संक्रमित व्यक्ति की हालत बिगड़ने पर फेफड़ों में पानी भरने और सांस लेने में तकलीफ भी हो सकती है । जनवरी 2019 में हीनता से संक्रमित नौ लोगों की पेंटिंग्स दुनिया में मौत हो गई थी । इसके बाद पर्यटकों को भी आगाह किया गया था । तब के एक अनुमान के मुताबिक हीनता वायरस से संक्रमित लोगों के 60 मामले सामने आए थे जिनमें से 50 को क्वालिटी न रखा गया था । अमरीका के सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन की मानें तो हीनता वायरस में मृत्युदर अड़तीस फीसदी होती है और इस बीमारी का कोई स्पेसिफिक ट्रीटमेंट नहीं है ।