भारतीय सेना ने पूरी सर्दियां लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर तैनाती के लिए तैयारी पूरी कर ली है । लेह के चौधरी कोर के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल अरविन्द कपूर ने बताया कि सेना के लिए इंधन विशेष कपड़े टेंट खास भोजन जैसी चीजों की इतनी मात्रा एकत्र कर ली गयी है जो अगले 14 महीने के लिए पर्याप्त हैं |

India China LAC Tensions मेजर की जुबानी :- 

हमारे सिस्टम इतने अच्छे हो चुके हैं कि आज कई फॉरेन कंट्री हमारे सिस्टम्स को अपना चुकी हैं या अपनाने की कोशिश में हैं । लद्दाख जैसी जगह में ऑपरेशनल लॉजिस्टिक्स फायरिंग फ्यूरी कोर के लिए बहुत मायने रखता है 

हमारा लॉजिस्टिक इन्फ्रास्ट्रक्चर आज इतना स्मार्टली बिल्डअप हो चुका है कि बाहर से आने वाला कोई भी यूनिट या फॉर्मेशन प्लग एंड प्ले मोड में आकर यहां पर जो यूनिट तैनात हैं उनके साथ जुड़ जाता है और इमीडिएट भी इफेक्टिव हो जाता ।

आज हमारे पास इतना इक्विपमेंट है कि जैसे कि आपको दिखाया गया । हमने फ्रंट लाइन पे हर एक जवान को स्टेट अपनी आठ स्पेशल कवर क्लोदिंग और टैटूज दिया है ।

स्टेट ऑफ दि आर्ट फैसिलिटीज में हैबिटैट मेडिकल हेल्थ हाइजीन और एक्वा पंसस सस्पेंस के सारे सिस्टम्स और ड्यूटी स्टैब्लिश हो चुके हैं । बेस्ट क्वॉलिटी राशन जोकि हर एक ऑफिसर जोशी और जवान को इक्वल क्वॉन्टिटी में दिया जाता है हाइली न्यूट्रिशनल और कलरफुल वैल्यू होती है और वेजिटेरियन और नॉन वेजिटेरियन मोड में जैसे बचाता है उसको मिलता है ।

आपको पता है कि चीफ हामिद स्टार इस महीने की 3 तारीख को लद्दाख आते गए हैं और उन्होंने फ्रंटलाइन यूनिट्स परफॉर्मेंस का इंस्पेक्शन किया और उभरता हुआ हैबिटैट इंफ्रा इंफ्रास्ट्रक्चर खुद देखा जो आज की तारीख में शोज और ट्रिप्स लद्दाख में तैनात हूं । उनकी वजह से यहां की लोकल इकोनॉमी को भी बहुत फर्क पड़ा ।

वहीं चीन और भारत के बीच हालात एक बार फिर तनावपूर्ण हो गए हैं । सोमवार देर रात चीन ने भारतीय सैनिकों पर सीमा पार करने और गोलाबारी करने का आरोप लगाया है । दावा किया जा रहा है कि ताजा झड़प लद्दाख के पेंगुइन सो झील के दक्षिणी छोर के एक पहाड़ी पर हुई है ।

भारत और चीन के बीच 5 मई से लद्दाख में टकराव जारी है । चार महीने बाद भी इसका कोई नतीजा नहीं निकला है और 15 जून को गलवा घाटी में टकराव ने हिंसक मोड़ ले लिया था । हैंड टू हैंड बैटल में भारतीय सेना के 20 सैनिक शहीद हो गए थे |