आखिर चीन क्या चाहता है । ये सवाल इसलिए क्योंकि एक तरफ लगातार घुसपैठ की कोशिश कर रहा है तो दूसरी तरफ दोनों देशों के बीच वार्तालाप भी जारी है । लेकिन इन सबके बीच अरुणाचल सीमा पर वो भारतीयों का अपहरण भी कर रहा है

  • तो क्या चीन को इलाकाई शांति से चिढ़ है ।

रक्षा मंत्री से की बात फिर पलट गया । सिर्फ ढाई घंटे का संग धैर्य दिखाया रंग । लद्दाख में तनातनी । अरुणाचल में अपहरण । चाहता क्या है चीन । यक्ष प्रश्न यही है । यह कहना मुश्किल है  घुसपैठिया शातिर तो था ही आप सरासर झूठ भी बोलने लगा है ।

चार महीने से चल रही तनातनी के दौरान चीन ने अपने सभी रंग दिखा दिए हैं । अपनी करतूतों से उसने जता दिया है कि बात नहीं सिर्फ जंग का हकदार है चीन ।

  •  यकीन न हो तो सबूत देखते चलिए ।

सबूत नंबर 1:-  सीमा पर तनाव के लिए भारत जिम्मेदार । राजनाथ सिंह से मिलने के ठीक बाद चीन ने फिर नया पैतरा चल दिया । हमेशा की तरह इस बार भी चीन ने पहले बातचीत से मुद्दा सुलझाने का नाटक किया और डेढ़ दो घंटे से ज्यादा चली बैठक के बाद पूरी जिम्मेदारी भारत पर डाल दी । चीनी रक्षामंत्री वेई फेंग हे ने कहा कि दोनों देशों और सेनाओं के बीच संबंधित सीमा विवाद की वजह से प्रभावित हुए हैं और इसकी पूरी जिम्मेदारी भारत की है ।

सबूत नंबर दो: नहीं छोड़ेंगे  अपनी एक इंच जमीन पहली बात की कौन सी जमीन चीन मैकमोहन लाइन को मानता नहीं । 19 बासठ के बाद जो मौजूदा एलएसी है उस पर वो लगातार घुसपैठ कर रहा है । फिर कह रहा है एक इंच जमीन नहीं।

चीन की तरफ से बयान भारत और चीन के रक्षा मंत्रियों के बीच मॉस्को में हुई बैठक के बाद जारी किया गया है । वी फेंग ने कहा कि सीमा विवाद के चलते भारत और चीन के संबंध गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं और ऐसे में जरूरी था कि दोनों देशों के रक्षा प्रमुख आमने सामने बैठ कर खुले तार से बातचीत करें ।

  • बता दें कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और चीनी रक्षा मंत्री जनरल वेई फेंकने के बीच मॉस्को में बैठक दो घंटे 20 मिनट तक चली।

जहां भारत ने अपनी सभी मांगों को पुरजोर तरीके से रखा । रक्षामंत्री कार्यालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया है बातचीत के दौरान रक्षामंत्री ने चीनी सैनिकों की कार्यवाहियों उनका आक्रामक व्यवहार और तीन पक्षीय संधियों का उल्लंघन करते हुए जमीनी हालात को एकतरफा बदलने की कोशिश के मुद्दे पर जोर दिया ।

उन्होंने सीमा पर चीन की तरफ से बड़ी संख्या में फौजियों को भेजने का मुद्दा भी उठाया । ये तो हुई कूटनीतिक बातें । इससे इतर खबर है कि अरुणाचल के सुब्हान सिद्दी जिले के नाथू क्षेत्र के जंगल से चीन ने पांच भारतीय युवाओं का अपहरण कर लिया है ।

  • बताया जा रहा है कि अगवा किए गए पांच लड़कों के नाम प्रेम सिंह काम प्रसाद रंग लिंग तंतु दिव्या कारू बेकर और नाग रूद्री है ।

भारत पर दबाव बनाने के लिए की जा रही है तो इधर भारत की स्पेशल फ्रंटियर फोर्सेस के बाद अब आईटीबीपी ने भी चीन को बड़ा झटका दिया है ।

  • खबरों के मुताबिक आईटीबीपी ने तकरीबन सौ के दक्षिणी किनारे पर कुछ अहम जगहों को अपने नियंत्रण में ले लिया है ।

बताया गया है कि आईटीबीपी के जवानों ने लैपटॉप एरिया के पास कुछ जगहों पर मोर्चेबंदी भी कर ली है । ब्यूरो रिपोर्ट यूजेज टिन नंबर । तो उसे टीम बिहार झारखंड ।